जीवन का धागा

जीवन का धागा ऐसा उलझा लगे कि बस अब सुलझा और तब सुलझा   डोर पकड़ एक रोज चल पड़ा जुलाहा ले संकल्प सुलझाने को उलझन सारी   चार पग थागा सुलझाना क्या काम है बड़ा सोच ये निकला वो खोजने दूसरा सिरा   दो पग चला तो समझा की कुछ और है इसकी लम्बाई … Continue reading जीवन का धागा

Twilight

मौत की हर आहट पर, अब ख़ौफ़ज़दा है ज़िन्दगी जो कभी दहाड़ती थी, वो अब मिहमिहाती ज़िन्दगी Life is feeling concerned on every knock of Death, A life which was once full of energy, vitality, is now feeling powerless फौलाद इरादे, कर मशक्कत, जिसने सँवारी ज़िन्दगी वो आज ऑंखें फेर कर, चुप चाप काटे ज़िन्दगी … Continue reading Twilight