Third Eye

नीचे लिखी पंक्तिया साधक की उस अवस्था को दर्शाती हैं, जब वह लगातार आग्नेय चक्र पर संवेदना महसूस करता है। कभी कभी ये संवेदना आग्नेय चक्र से सर पर भी महसूस होती है। साधक सोचता है की कब आग्नेय चक्र खुलेगा और कब ये संवेदनाएं आध्यात्मिक प्रगति में बदलेंगी। नवनीत युवतिया नाचत छम छम नयनन … Continue reading Third Eye